जा रहे थे , मूड के एक बार देख लेते.
कितना तड़प रहा था ,वो प्यार देख लेते..
तू हुस्न की परी थी मिलते नौजबा कई ..
तेरी जुबा मुकर गयी थी यार देख लेते..
दिल के जख्मो की क्या कहू..गिन नहीं सकोगे..
कब कैसी वो कहर थी ,बस मार देख लेते..
जा रहे थे...
तुमसा कोई हँशी है,,मै मानता नहीं..
हम भी तो थे खिले से गुलजार देख लेते ..
ये जिस्म जान जिन्दगी..तेरे लिए बनी थी..
सब कुछ लुटाने बाला दिलदार देख लेते.
जा रहे थे...
तुम जिओ ख़ुशी से ये आरज़ू थी मेरी..
तेरी सितम पे आंखे यु जार देख लेते..
सपनो को तब सजाया ,जब जब मुझे जलाया..
अपनी ही लौ में जला अदाकार देख लेते..
जा रहे....
सब कुछ लुटा दिया बस अरमान के खातिर...
तुमने जान ली मेरी शान के खातिर..
मुकर गया जमाना बस आन के खातिर..
बल्लव ने जान दी आपनी जान के खातिर..
अपनी बेबफई का किरदार देख लेते
जा रहे थे मूड के एक बार देख लेते ..
कितना तड़प रहा था वो प्यार देख लेते..
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