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February 2, 2011

इक बार मोहब्बत करने को दिल रहता है बेचैन सदा,

इक बार मोहब्बत करने को दिल रहता है बेचैन सदा,
 पानी की बूंद को एक प्याषा क्या करे समुन्दर से आशा.
   चाहत है फिर भी लानत है क्यों नहीं है मिलती शोख परी.
      कुछ तेरा भी तो हो जाता, चलती जादू की एक छड़ी.
दिखने में अच्छा खाशा हूँ, मेरे आईने से देखो ,
 जब हाथ बाल पे चलता है,कैसा लगता हूँ मत पूछो,.
सरमाता हूँ  इठलाता हूँ,पर मर्द भाऊ ही ख़ता हूँ,
गिरबान  की छेद सदा हाथ से ढकता जाता हु.
वो देखेंगी बस मुझको ही sharamaengi   कुछ अलग तरह
ये सोच लिए ही मर जाऊ पर नहीं कभी कुछ पाता हूँ.

उन में सब कुछ है मै कुछ भी नहीं,
ये वो भी कहती है अक्सर,
जरुरत जिसको वही झुकता है,
खुद को झुकता ही पाता हूँ.
ख्वाइश थी कोई वैसी मिले जिसको सब कुछ मै दे डालू,
गर बचा नहीं कुछ देने को कुछ छंद ही उन्हें सुना डालू.

अब उम्र हुई कुछ शर्म करो, कब तक पीछे से भागोगे,
कुछ लोग भाग ye कहते है, उनको कैसे मै समझाऊ.
जब किया बोहनी धोखा,दोबार किया फिर भी धोखा,
तीसरी कुछ दिन ठहरी थी,चौथी को मैंने ही रोका,
तुम मत आ मेरी माँ ,मैंने बरत  लिया हनुमान का है,
अब बिना तुम्हारे  जी लूँगा,मेरी भी कुछ अभिमान सी है.
जायदा होगा कबिता है न ,,मै उस्सी से कम चलाऊंगा.
चूल्हे में जा के मार जाओ, न संग तुम्हारे आऊंगा.
पर चूल्हे का क्या वो उनका है मेरी ये बात न मानेगा
 जब जब वो उसमे तरपेंगी,मेरी होगी बस एक अदा
इक बार मोहब्बत करने को दिल रहता है बेचैन सदा,
 पानी की बूंद को एक प्याषा क्या करे समुन्दर से आशा.

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