सब माया है .
बेटे बेटी की शादी है ,नाती पोते भी होएँगे ,
जो जुल्म हुआ है खुद पे कभी ,औलादों पे करबाया है...
सब माया है...
ये चाचा है ,ये भाई है ,ये मौसी है ये माई है,
नादान सा बच्चा क्या जाने,ये रिश्ता किसने बनाया है ,
सब माया है,
माई प्यार उसी से करता हू,उसके खातिर मर जाऊंगा,
गर नहीं मिला वो प्यार मुझे, मै सूली पर चढ़ जाऊंगा,
नौ महीने की कोख को ,माँ बाप को भूल के आया है
सब माया है....
ये हिन्दू है ,ये मुस्लिम है
ये सच्चा है ,ये मुलजिम है,
भगवन ,खुदाया क्या जाने ये किसने रीत बनाया है ,
सब माया है.....
सदियों से सदा निरंतर ही होती रहती है जंग यहाँ॥
इंसान ही सदा अकेला है ,और नहीं कोई है संग यहाँ,
ये जंग ,जात और दुएष बता किस का घर बार बसाया है,
सब माया है...
कश्मीर कोई ले जाता है,कश्मीर पे मरने आता है,
कभी सुना बर्बादी कर कोई कश्मीर बनाया है??
सब माया है...
बस मै तो कोशीस करता हू, क्या बात समझ मै आती है??
तुम न समझे कोई बात नहीं,कोई भी समझ न पाया है॥
सब माया है..
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